कही तो मै गलत हू तेरी हसी को देख एक सुकुन मिलता है फिरसे जिन्दगी जीने का जनून मिलता है पता है की कुछ भी अपना नही है फिर भी सबको प्यार देने का रंगून मिलता है दिल की गिरह में बस एक ही सवाल मिलता है अगर तू मेरे ही भीतर है तो फिर क्यों मुझे हर दफा गम का ही पैगाम मिलता है ? फिर सोचती हू कही तो मै गलत हू इसीलिए ही सत्य के साये में भी दर्द का कानून मिलता है |
आभार गुरुदेव
हे ईश्वर मेरा रोम रोम तेरा आभारी है, जितनी और जैसी दी ये जिंदगी बहुत प्यारी है। मानव देह में जीवन , मीठे संबंधों की फुलवारी है, गुरु-शिष्य के संबंध में मेरा गुरु परब्रह्म देह धारी है। नाजों से संभाला, प्यार से सिंची मुझ फूल क्यारी है। कर्म काटे और रति भर पीड़ा नहीं, तेरी लीला न्यारी है। प्रार्थना भी क्या ही करूं,करुणा सारी मुझपे वारी है, बहुत दिया है तूने प्रभु , अब ऋण चुकाने की मेरी बारी है।
nice word golu ,,, ur da best ,,, :)
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