बनजाऊ तेरी दुलारी
बनजाऊ तेरी दुलारी तेरे प्रेम रंगमे रंगी, में तो दिखू रे प्यारी ना मीरा ना राधा, में बनजाऊ तेरी दुलारी जबभी मिला राह में अँधेरा, जबभी में गभराइ तब तब मेने पाई तेरी दुआओंकी रौशनी अलगारी जबभी अहंकारमें लिपटी, गिरी या लड़खड़ाई तब तब तुने अपनी सारी ममता मुजपर वारी जब कभी में थक जाती, जबभी में चल ना पाई तब तब मुजको मिली तेरे मजबूत कंधोकी सवारी जब कभी बिंदल किसी आकार लीला से भरमाई तब तब तुने ह्रदय लगाकर ज्ञान दिया अपरंपारी तेरे प्रेम रंगमे रंगी, में तो दिखू रे प्यारी ना मीरा ना राधा, में बनजाऊ तेरी दुलारी |
Beautiful poem, nice photograph!
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