तुने थाम्यो है मोरो हाथ


तुने थाम्यो है मोरो हाथ


सांवरिया मोरे तुने थाम्यो है मोरो हाथ

सब से अलग में लग गई, लगन लगाई तो'से नाथ
जीना ना आवे ना मरना, ना अब कुछो है करना
जो हो रहिया है वो भी ना होता, न मिलता जो तेरा साथ ..
सांवरिया मोरे तुने थाम्यो है मोरो हाथ

नैया मोरी बिच मजधार, खूब विंजण वायो जात
ना इस पार ना उस पार, ना कोई तारण हार
चमत्कार एसो भयो, भर मजधार किनारा होई जात..
सांवरिया मोरे तुने थाम्यो है मोरो हाथ

नशा और कोई नाही भावे, तोरे नशेमें जगत समात
साहिब तू बड़ा दिलवाला, मो को मारके मो को तारा
मन बावरा मोरा तुजकोही पावे, जे जे ठीकाणे करू दृष्टीपात..
सांवरिया मोरे तुने थाम्यो है मोरो हाथ

तू तो कबसे ठहरा मेरा, में तेरी बनी आज
ना बाकि है अरजी, ना बाकि कोई मरजी
बिंदल आज बिंदल ना रही, नाथ पाके हुई खुद से अनाथ ..
सांवरिया मोरे तुने थाम्यो है मोरो हाथ

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