| मुजमे तू है तू मेरी सांस मे है, तू मेरे विश्वास मे है मे अंजान तेरी शक्ति से मे गुमनाम तेरी भक्ति मे इस दुनिया के सीधे सीधे रास्ते मे तू मेरे साथ मे होने के आभास मे है मेरी राह शुरू तेरी चाह से मेरी मंजिल मिलेगी तेरी पनाह मे इस अनुसाषित दुनिया के अंधेरे मे तू मेरी मस्ती के प्रकाश मे है न सुदामा व मिरा जेसी मेरी सहन शक्ति न राधा और कबीर सी है मेरी भक्ति इस तृप्ति के भाव से भरी दुनिया मे मेरी प्रत्येक सहज मांग मे तू है तू मेरी सांस मे है तू मेरे विश्वास मे है बस मे हु तुज मे और मुजमे तू है |
आभार गुरुदेव
हे ईश्वर मेरा रोम रोम तेरा आभारी है, जितनी और जैसी दी ये जिंदगी बहुत प्यारी है। मानव देह में जीवन , मीठे संबंधों की फुलवारी है, गुरु-शिष्य के संबंध में मेरा गुरु परब्रह्म देह धारी है। नाजों से संभाला, प्यार से सिंची मुझ फूल क्यारी है। कर्म काटे और रति भर पीड़ा नहीं, तेरी लीला न्यारी है। प्रार्थना भी क्या ही करूं,करुणा सारी मुझपे वारी है, बहुत दिया है तूने प्रभु , अब ऋण चुकाने की मेरी बारी है।
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