| स्वामी है मेरा सतरंगा स्वामी है मेरा सतरंगा … जो रंग गया हो गया पार हो रंगा--- स्वामी है मेरा … है ये रंगमे दुलार हो रंगा उनके मुखसे बहती गंगा नहाना होगा होके नंगा नाह लियां हो गया पार हो रंगा … स्वामी है मेरा … है ये रंग में प्यार हो रंगा वो प्यार से करता वार और पंगा बनजा उसका प्यारा बंदा जो मर गया हो गया पार हो रंगा … स्वामी है मेरा … उनका रंग दरबार हो रंगा अपनी सोपदे पतवार हो बंदा छोड़ दे अहंकार का फंदा जो डूब गया हो गया पार हो रंगा … स्वामी है मेरा … स्वामी है मेरा सतरंगा … जो रंग गया हो गया पार हो रंगा--- स्वामी है मेरा … |
आभार गुरुदेव
हे ईश्वर मेरा रोम रोम तेरा आभारी है, जितनी और जैसी दी ये जिंदगी बहुत प्यारी है। मानव देह में जीवन , मीठे संबंधों की फुलवारी है, गुरु-शिष्य के संबंध में मेरा गुरु परब्रह्म देह धारी है। नाजों से संभाला, प्यार से सिंची मुझ फूल क्यारी है। कर्म काटे और रति भर पीड़ा नहीं, तेरी लीला न्यारी है। प्रार्थना भी क्या ही करूं,करुणा सारी मुझपे वारी है, बहुत दिया है तूने प्रभु , अब ऋण चुकाने की मेरी बारी है।
So beautiful...!
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