क्योंकी में एक नारी हूँ लडकियों की जिंदगी कुछ सवालों के आगे जा नही पाती या फिर जाने नही देते पैदा होने से पहले, कही मुझे मार तो ना देंगे ? पैदा होने के बाद बचपन में, भाई से जगडा किया तो कही मुझे बोज़ समजकर बेच तो ना देंगे? जवानी में, मेरी शादी नहीं हो पा रही खाई भाई का घर इस वजह से टूट तो न जायेगा? शादी के बाद, ये किया तो सास को बुरा लगे गा ना किया तो पतिको बुरा लगे गा आखिर क्या करू ? जब उसके ही कोख में कोई बच्चा आता है और वो ही डॉक्टर के पास जाती परीक्षण करवाने जाती है तब उसको क्या उसके सब सवाल याद नहीं आते? क्या उसको मालूम नहीं होता की उसकी माँ ने भी एक बेटी को जन्म दिया था क्या वो आपनी बच्ची को उन सवालों से मुक्त नहीं कर सकती ? |
आभार गुरुदेव
हे ईश्वर मेरा रोम रोम तेरा आभारी है, जितनी और जैसी दी ये जिंदगी बहुत प्यारी है। मानव देह में जीवन , मीठे संबंधों की फुलवारी है, गुरु-शिष्य के संबंध में मेरा गुरु परब्रह्म देह धारी है। नाजों से संभाला, प्यार से सिंची मुझ फूल क्यारी है। कर्म काटे और रति भर पीड़ा नहीं, तेरी लीला न्यारी है। प्रार्थना भी क्या ही करूं,करुणा सारी मुझपे वारी है, बहुत दिया है तूने प्रभु , अब ऋण चुकाने की मेरी बारी है।
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