साइड में रह गए भगवन

कल्पना के पंख लगाएं जीवन,
जन्म के साथ मृत्यु भी,
सुख के साथ दुःख भी,
और देव के साथ दानव भी,
शोर मचाए , जश्न मनाए,
सारे के सारे, आगे निकल गए,
कल्पों से, इंतजार में, मौन वो,
किसी ने नहीं देखा, ना दौड़ रुकी,
साइड में ही रह गए भगवन ।

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