बेहद
पहली बारिश में भीगने से भी ज्यादा मुजे हररोज तेरी करुणा में भीगना बेहद पसंद है ,
हर जन्म में बदलते रिश्ते के साथ प्रत्येक बार तेरा वही प्यारा सा रिश्ता बेहद पसंद है
कर्मो के चक्र में घूमते हुए मुजे तेरे मौन का मार्गदर्शन बेहद पसंद है
तेरा हर जन्म में मेरे अच्छे बुरे कर्मो को बड़ी सजता और प्यार से काटना बेहद पसंद है
अनेक नकाब चढाये इस जहान में मुजे तेरा बेनकाब चेहरा बेहद पसंद है
आपका मेरी हर गलती पर डाट फटकार के साथ माफ़ी का अंदाज बेहद पसंद है
पैर खीच गिरा ने वाली दुनिया मे मुजे तेरा सहारा देकर उठाना बेहद पसंद है
मेरी प्रार्थना निकलने से पहले ही उसे साकार करने वाले मुजे तेरा दिल का रिश्ता बेहद पसंद है
सुख में ही साथ रहने वाली भीड़ से कई ज्यादा दुःख में तेरे चरणों का सहारा बेहद पसंद है
मेरी गालिया सुनकर भी मुजे बस आशीर्वाद देने वाले ए ईश्वर मुजे आप बेहद पसंद है
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